उत्तर प्रदेशबस्ती

कागजों में काम कर रहे मनरेगा मजदूर,सरकारी धन का हो रहा दोहन

कागजों में काम कर रहे मनरेगा मजदूर,सरकारी धन का हो रहा दोहनFB IMG 1747565093307

✍️अजीत मिश्रा (खोजी )✍️ 

संतकबीरनगर। जिले में अधिकांश ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है और यह भी बताया जा रहा है कि वह किस स्थान पर काम कर रहे हैं लेकिन यह आंकड़े कागजी हैं जमीनी हकीकत में मजदूर काम नहीं कर रहे बल्कि सरकार के धान का दोहन जिम्मेदार कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए उनके जिम्मेदार ही उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। रोजगार सेवकों की इस मनमानी रवैया से सरकार को करोड़ों रुपए का चुना लगाया जा रहा है। कुछ ग्राम पंचायत में फर्जी यानी पुराने फोटो को अपलोड करके यह साबित किया जा रहा है कि यह वर्तमान समय का है। जिले और ब्लॉक के अधिकारी अपने कार्यायलयों से बाहर नहीं निकालना चाहते जिस कारण मनरेगा जैसी योजना में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। कार्यालय के कुर्सी पर जमीन साहब ऐसी और पंखे का हवा ले रहे हैं, चिलचिलाती की धूप में मनरेगा मजदूर कागजों में काम कर रहे हैं तो भ्रष्टाचार क्यों ना पनपे जब जिम्मेदार ही अपनी जिम्मेदारी के दायित्वों का निर्वहन नहीं करते।FB IMG 1747565090740

एक नजर इन आंकड़ों पर

खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत

सियरासाथा-103, राउतपार- 100, शिवशंकरपुर- 75, पानाराम- 47, सरौली चहरुम- 92, पकड़डीहां- 67, पड़रिया- 75, नेहिया खुर्द- 121, मझगावां- 55, मैनसिर-98, लक्ष्मीपुर निचौरा- 68, खरवनिया कला- 130, कौवाटार- 108, जोरवा- 83, गोडही-75, भगठान- 88.

बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत

बढ़या-200, बाहिलपार-198, बकहां- 145, बड़गो- 154, चकमा दारुल मलोरना-164, चंदनी- 91, देवापार- 188, गगौली- 166, हारापट्टी- 144, हावपुर भराड़ी- 154, जगदीशपुर-77, जूरी-97.

यह आंकड़े दो ब्लाकों के कुछ ग्राम पंचायत की है। जिले में ज्यादातर ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। और योजना के तहत काम होना बताया जा रहा है ।जबकि फर्जीवाड़ा का खेल जिम्मेदार खेल रहे हैं। हालांकि आगे भी इसी तरह फर्जीवाड़ा के खेल पर नजर बनी रहेगी।

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